चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस आरोपियों की संपत्तियों का भी ब्योरा खंगाल रही है। अब तक करीब एक  दर्जन संपत्तियों को चिन्हित कर लिया है। प्रक्रिया जारी है। जो संपत्तियां पिछले 4-5 साल में आरोपियों बनाई होंगी, वह जब्त की जाएंगी। क्योंकि पुलिस को जो साक्ष्य मिले हैं, अंदेशा है कि ऐसी संपत्तियों को बनाने में चोरी की रकम का इस्तेमाल हुआ है।

अब तक की जांच के मुताबिक अंदेशा है कि आरोपी ने 4-5 करोड़ रुपये पार किए। हालांकि पूरी तरह से इसकी पुष्टि करना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि गिनती से पहले ही आरोपी रकम पार कर देते थे। एसआईटी ने भी इसका जिक्र किया है कि स्पष्ट आकलन करना संभव नहीं है। 

पुलिस मामले में अपराध से अर्जित  धन से बनाई गई संपत्तियों को जब्त कर चोरी की रकम की भरपाई करेगी। इसलिए पुलिस आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा खंगाल रही है। सूत्रों ने बताया कि सभी आरोपियों की अब तक एक दर्जन संपत्तियों का ब्योरा जुटाया है।

सभी के दस्तावेज भी पुलिस के पास हैं। संपत्तियों के चिन्हीकरण का कार्य जारी है। जब सभी संपत्तियां चिन्हित हो जाएंगी तो उसमें पुलिस यह तस्दीक करेगी कि कौन-कौन कब से मंदिर से जुड़ा और रकम पार की। उसके बाद जो भी संपत्तियां बनाई गई होंगी, उनको जब्त किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि एक दर्जन में से चार से पांच ऐसी संपत्तियां हैं। फिलहाल पुलिस की तरफ से अभी इसमें कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ब्यूरो

बरामदगी की रकम 85 लाख के करीब पहुंची

एसआईटी ने रिपोर्ट में जिक्र किया था कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने अपने स्तर 81.19 लाख की रकम बरामद की थी। जब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया तब 79.85 लाख की बरामदगी बताई थी। इस तरह से 1.33 लाख रुपये का अंतर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो रकम गिरफ्तारी के वक्त थी वह पहली बार की थी। उसके बाद करीब 3-4 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। अब तक कुल बरामदगी 85 लाख के करीब पहुंच गई है। जेवर आदि इसमें शामिल नहीं हैं। 



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