परिवहन विभाग में कई अधिकारी रिजॉर्ट, फार्महाउस, पेट्रोलपंप और होटलों के मालिक हैं। कुछ के पास बीघों जमीन भी है। आधिकारिक सूत्र बताते हैं प्रदेश में कई आरटीओ, एआरटीओ और आरआई स्तर के अधिकारी दलालों की सांठगांठ से प्रतिमाह न्यूनतम 20 लाख रुपये की ऊपरी कमाई कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि ऐसे 32 भ्रष्ट अधिकारी विजिलेंस के रडार पर हैं। ये अधिकारी अपनी काली कमाई छिपाने में लगे हुए हैं।
पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के अलीगंज स्थित आवास पर विजिलेंस ने छापा मारा था। इस कार्रवाई में 13 किलो सोना, नौ किलो चांदी सहित 30 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति बरामद हुई। एक अपर परिवहन आयुक्त पद पर तैनात रहीं अधिकारी ओवरलोड वाहनों से वसूली के लिए रात में हाईवे पर डेरा डालती थीं।
उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले प्राइवेटकर्मियों से नियुक्ति के नाम पर लाखों रुपये वसूले। लखनऊ में रहे एक आरटीओ के भी होटल चल रहे हैं और उनके पास अकूत संपत्ति है। ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर भी करोड़ों रुपये वसूले जाते हैं। हालांकि, इन मामलों में किसी अधिकारी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष या न्यायिक निर्णय अभी सामने नहीं आया है।