देश भर में हो रही साइबर ठगी का पैसा झांसी में खुले बैंक खातों में जमा कराया जा रहा है। सरकारी एवं प्राइवेट बैंकों में बड़ी संख्या में ऐसे म्यूल खाते खोले गए हैं। समन्वय पोर्टल में लगातार इनकी शिकायतें मिल रही है। प्रेमनगर में चार बैंक खाते ऐसे मिले, जिनमें साइबर ठगी की रकम कराई गई। इनके खिलाफ 22 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज कराई गईं। इसके बाद प्रेमनगर पुलिस ने इनके खिलाफ चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है।

प्रेमनगर थाने के साइबर सेल प्रभारी रविकांत शुक्ला की ओर से दर्ज कराई गई तहरीर के अनुसार, समन्वय पोर्टल पर बैंक खातों की जांच के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तीन खाते और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक खाता संदिग्ध मिला। इनमें एक खाते पर पांच, दूसरे पर छह, तीसरे पर दस और चौथे पर एक साइबर फ्रॉड शिकायत दर्ज पाई गई। इस तरह चारों खातों के विरुद्ध कुल 22 शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि जमा होने के साक्ष्य मिले। इनमें तीन खाते सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का है। प्राइवेट बैंकों में भी इसी तरह से खाते खोले गए। इनमें धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को जमा कराया गया। पुलिस अब संबंधित बैंकों से चारों खातों के एकाउंट ओपनिंग फॉर्म (एओएफ) और अन्य अभिलेख जुटा रही है। प्रेमनगर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय के मुताबिक खाताधारकों की भूमिका की जांच हो रही है। आशंका जताई जा रही कि म्यूल खातों के तौर पर इनका इस्तेमाल हो रहा था।

अब तक 800 से अधिक म्यूल खातों का चल चुका पत

पिछले करीब सात महीनों के दौरान झांसी के विभिन्न बैंक खातों में 800 से अधिक म्यूल खातों का पुलिस पता लगा चुकी। इनमें करीब 10 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा है। यह म्यूल खाते सरकारी बैंकों के साथ ही प्राइवेट बैंकों में भी खोले गए हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *