कहते हैं कि मां की उम्मीद कभी नहीं मरती। पांच साल पहले लापता हुए बेटे के लौटने की आस भी एक मां ने नहीं छोड़ी। आखिरकार उसकी यह उम्मीद सच साबित हुई। आगरा में परिवार से बिछड़ा मानसिक रूप से दिव्यांग गुलशन (20) पांच साल बाद झांसी में जाकर परिवार से मिल सका। अपने बेटे को देख मां रो पड़ी। मां-बेटे का यह भावुक मिलन वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम कर गया।




स्मार्ट सिटी अस्पताल के निदेशक आशीष भट्टाचार्य ने बताया कि अस्पताल के स्थापना दिवस के अवसर पर मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगा था। उनके आयुष्मान कार्ड बनवाए जा रहे थे। नगरा के मानव जन कल्याण संस्था की ओर से गुलशन को शिविर में लाया गया था। परिवार के बारे में पूछने पर वह कुछ नहीं बता सका। अपने मोहल्ले की उसे सिर्फ धुंधली याद थी। उसने याद करते हुए इतना बताया कि उसका घर किसी फैक्टरी के पास था। मोहल्ले के नाम तेलीपाड़ा बताया। महज इसी सुराग के सहारे अस्पताल से जुड़े आकाश यादव ने अपनी टीम के साथ मिलकर कई शहरों में खोजबीन शुरू कराई। काफी मशक्कत के बाद आगरा स्थित तेलीपाड़ा मोहल्ले का पता चला। यहां पुलिस थाने समेत उन्होंने अपने सूत्रों के माध्यम से पता लगाया। उनको गुलशन के परिवार का पता चला। परिवार के लोग भी गुलशन को कई साल से तलाश रहे थे। बेटे के बिछुड़ने के बाद से मां कुसुम बेचैन थी। पांच वर्ष बाद बेटे का पता चलने पर परिवार के लोग शनिवार को झांसी पहुंचे। बेटे को सही सलामत देख मां उसके गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगी। निदेशक आशीष भट्टाचार्य के मुताबिक सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद गुलशन को परिवार के साथ भेजा जाएगा।



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