माई सिटी रिपोर्टर

लखनऊ। 16 जुलाई को रात 11:45 बजे सूर्य मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही दक्षिणायन की शुरुआत होगी और उत्तरायण का समापन हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य एसएस. नागपाल ने बताया कि इसे कर्क संक्रांति या श्रावण संक्रांति भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, भगवान शिव और सूर्यदेव की पूजा, पवित्र नदियों में स्नान, दान और तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा व दान का पुण्यकाल दोपहर 12:27 बजे से शाम 7:21 बजे तक रहेगा।

वहीं, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 से 23 जुलाई तक रहेगी। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना, साधना और पूजा का विशेष महत्व है। नागपाल के अनुसार श्रद्धालु इन दिनों देवी उपासना कर सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।



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