कोंच। साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेनदेन में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जांच के दौरान कोतवाली पुलिस ने तीन और एफआईआर दर्ज की हैं। इससे पहले चार मुकदमे दर्ज किए जा चुके थे। अब इस मामले में कुल सात एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। लगातार बढ़ रही कार्रवाई से संदिग्ध खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है।
केंद्र सरकार के समन्वय ””प्रतिबिंब”” पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर साइबर सेल की जांच में सैकड़ों बैंक खाते संदिग्ध पाए गए थे। इनमें से कई खातों को होल्ड कर दिया गया था। गहन जांच के लिए संदिग्ध खातों की सूची कोतवाली पुलिस को सौंपी गई, जिसकी पड़ताल में कई खाताधारकों की भूमिका संदिग्ध मिली। इसी आधार पर अब तक सात एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार, एसबीआई मुख्य शाखा कोंच एवं एसबीआई नदीगांव रोड शाखा में संचालित कुछ खातों से साइबर अपराध के माध्यम से ठगी की धनराशि के लेनदेन की शिकायतें मिली थीं। इन्हीं मामलों में तीन नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
कोतवाली के उपनिरीक्षक सुमित पांडेय ने एसबीआई मुख्य शाखा कोंच में संचालित खाते के खाताधारक सुभित निवासी गांधीनगर, कोंच के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं उपनिरीक्षक शुभम परमार ने मनीष द्विवेदी निवासी नया पटेल नगर, कोंच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसी क्रम में झांसी जनपद के थाना पूंछ क्षेत्र के ग्राम मड़ोरा कलां निवासी दीपेश राजपूत ने गांव के ही मदन रायकवार के विरुद्ध कोतवाली कोंच में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मदन ने मटर के भुगतान का बहाना बनाकर उसके नाम से एसबीआई मुख्य शाखा कोंच में बैंक खाता खुलवाया तथा एटीएम कार्ड और पासबुक अपने पास ही रख ली। इससे पहले पुलिस शिवकुमार निवासी गोखले नगर, उनके साथी अनमोल प्रजापति, प्रिंस राजपूत निवासी सुनाया, हरिओम निवासी जवाहर नगर, विशाल निवासी जवाहर नगर, देवेश कुमार निवासी नया पटेल नगर, तथा उनके साथियों अनिकेत राजपूत और प्रिंस राजपूत निवासी सुनाया के विरुद्ध भी संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर चुकी है।
जांच के दायरे में आ सकते हैं और लोग
मामले की विवेचना कर रहे क्राइम इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच में जिन खाताधारकों या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
