प्रदेश में दिव्यांग और अकेले रहने वाले बुजुर्ग राशनकार्ड धारकों को अब राशन लेने के लिए दुकान तक नहीं जाना पड़ेगा। ऐसे लोगों को राशन उनके घर पर पहुंचाया जाएगा। ये जानकारी खाद्य एवं रसद और नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने बुधवार को दी। उन्होंने लोकभवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सिर्फ असहाय या शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण राशन से वंचित न रहे। इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कई सुधार किए गए हैं। अब ऐसी खबरें नहीं आती हैं कि किसी परिवार ने राशन न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली। 

सरकार ने पूरी व्यवस्था को तकनीक आधारित व पारदर्शी बनाया है, जिससे पात्र लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंच रहा है।मंत्री ने बताया कि जुलाई 2026 से राशन दुकानों पर खाद्यान्न पहुंचने और वितरण की तिथि की सूचना लाभार्थियों को एसएमएस के जरिये भेजी जा रही है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के डिपो से उचित दर दुकानों तक खाद्यान्न ले जाने वाले वाहनों की जीपीएस से निगरानी की जा रही है, जिससे वितरण व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।सीधे किसानों के खातों में हो रहा भुगतान : मंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद के लक्ष्य के मुकाबले 62.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिससे 10.53 लाख किसानों को लाभ मिला। वहीं, वर्ष 2017-18 से 2026-27 तक 55.89 लाख किसानों से 265.82 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। 

एमएसपी पर खरीद का दायरा बढ़ा 

मनोज पांडेय ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद का दायरा लगातार बढ़ाया गया है। वर्ष 2023-24 से ज्वार और 2018-19 से मक्का की एमएसपी पर खरीद शुरू की गई। वर्ष 2025-26 तक 26,972 किसानों से 1.03 लाख मीट्रिक टन ज्वार और 34,578 किसानों से 1.51 लाख मीट्रिक टन मक्का खरीदी जा चुकी है। बाजरा खरीद भी वर्ष 2022-23 से शुरू हुई, जिसके तहत अब तक 1.48 लाख किसानों से 7.13 लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीद हुई है।



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