अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi

Updated Sat, 18 Jul 2026 07:17 AM IST

चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच पूर्व महासचिव ने पहली बार अयोध्या में चातुर्मास करने का निर्णय लिया है। चार महीने तक वह रामलला की शरण में रहकर साधना, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। वहीं मंदिर में प्रायश्चित पूजन जारी है और चढ़ावा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी चल रही है।


UP: Champat Rai to undertake a special task to seek liberation from past karma; a special spiritual practice w

चंपत राय।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



विस्तार

चढ़ावा चोरी प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने जीवन का पहला चातुर्मास अयोध्या में करने का निर्णय लिया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, 25 जुलाई से शुरू होकर 21 नवंबर (देवउठनी एकादशी) तक चलने वाले इस चार माह के कालखंड में वह अयोध्या नहीं छोड़ेंगे।


रामलला की शरण में रहकर साधना, मंत्र जाप, रामचरितमानस का नियमित पाठ तथा सात्विक जीवनचर्या का पालन करेंगे। चंपत राय 23 जून से ही राम मंदिर से सटे रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में एक तरह से एकांतवास में हैं। बताया जा रहा है कि वह प्रतिदिन लगभग चार घंटे तक साधना करते हैं। 

 



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