मंगलवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक हुई, जिसमें समाज कार्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद नईम की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। उन पर यह कार्रवाई शोधार्थियों के उत्पीड़न के मामले की गई। जबकि, विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने के आरोप में प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा गौतम की वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गई।
बीयू के प्रशासनिक ब्लाॅक में आयोजित बैठक में महिला और पुरुष शोधार्थी द्वारा डॉ. नईम पर लगाए गए आरोपों से संबंधित जांच रिपोर्ट रखी गई। इसके अलावा शिक्षक आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में हुई जांच की भी रिपोर्ट रखी गई। मामले की गंभीरता देखते हुए कार्य परिषद ने डॉ. नईम की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा गौतम पर विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने के आरोप की जांच रिपोर्ट रखी गई। इस पर उनकी एक साल की वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गई।
बैठक में 13 अगस्त को होने वाले विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह में चित्रकार दिनेश सोनी को डीलिट की मानद उपाधि देने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। अब यह प्रस्ताव कुलाधिपति के पास भेजा जाएगा। इसके बाद पीजी इन योगा साइंस और एम.आर्क की तय हुई फीस को मंजूर किया गया। तदुपरांत, विद्या परिषद, वित्त समिति व निर्माण समिति आदि में मंजूर हुए प्रस्तावों पर कार्यपरिषद ने अपनी मुहर लगाई।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बताया कि कार्यपरिषद में डॉ. मोहम्मद नईम पर लगे आरोपों की जांच रिपोर्ट रखी गई। उनकी सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की गई है। विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने के मामले में प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा गौतम की वेतनवृद्धि रोकी गई है।
