यूपी सरकार के पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दिल्ली में नीट अभ्यर्थियों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग को जायज बताया लेकिन राहुल गांधी और अखिलेश यादव के आंदोलन को राजनीतिक करार देते हुए उन पर तीखा हमला बोला।
मीडिया से बातचीत में राजभर ने कहा कि छात्रों की मांग उचित है और पेपर लीक नहीं होना चाहिए, लेकिन विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने गए थे लेकिन प्रदर्शन के दौरान देशविरोधी नारे लगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी, आजाद समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेता छात्रों को उकसाने पहुंचे जबकि लाठीचार्ज के समय उन्हें छोड़कर चले गए।ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के शासनकाल में खुलेआम नकल और पेपर लीक होते थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि अब नकलविहीन परीक्षाएं हो रही हैं और पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर से खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा पौधरोपण और जल संरक्षण का संदेश भी दिया।
उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज का वह समर्थन नहीं करते लेकिन जो लोग छात्रों को भड़काते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में नौकरियों के लिए बोली लगती थी, जबकि वर्तमान सरकार ने बिना भ्रष्टाचार के प्रदेश में नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं।
प्रभारी मंत्री ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है, जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से राजधानी तक पहुंच आसान हुई है तथा अधिकांश घरों में शौचालय बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और सुशासन के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है।
