फोटो- 23अभेदेपुर गांव में बनी पानी की टंकी। संवादफोटो- 24 स्टार्टर लगने के बाद नलों में पानी आना हुआ शुरू। संवाद
दस दिन से ठप थी अभेदेपुर गांव की जलापूर्ति, ग्रामीणों ने 6500 जुटाए
ब्लॉक व पंचायत स्तर पर होती रहीं शिकायतें, किसी ने नहीं ली सुध
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा कलार। महेवा विकासखंड के अभेदेपुर गांव में सरकारी तंत्र की उदासीनता के बीच ग्रामीणों ने एकजुटता की मिसाल पेश की। गांव की पेयजल टंकी का स्टार्टर फुंक जाने से पिछले दस दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप थी। पंचायत से लेकर ब्लॉक स्तर तक लगातार शिकायतें की गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए कोई पहल नहीं की। आखिरकार गांव के लोगों ने आपस में चंदा कर करीब 6500 रुपये जुटाए, नया स्टार्टर खरीदा और उसे लगवाकर जलापूर्ति बहाल कराई।
अभेदेपुर गांव की आबादी करीब 2200 है। टंकी से नियमित जलापूर्ति बंद होने का असर लगभग एक हजार लोगों पर पड़ रहा था। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को पीने, भोजन बनाने, नहाने और मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया। महिलाओं और बच्चों को सुबह-शाम दूर स्थित हैंडपंपों तक कई चक्कर लगाने पड़े। कई परिवारों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और छोटे वाहनों में ड्रम रखकर दूसरे गांवों से पानी ढोया। जिन घरों में बुजुर्ग और छोटे बच्चे थे, उन्हें सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बनी पानी की टंकी से नियमित जलापूर्ति होने पर ऐसी स्थिति नहीं बनती, लेकिन एक छोटे से उपकरण के खराब होने के बाद पूरी व्यवस्था ठप हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि जब लगातार दस दिनों तक कोई सुनवाई नहीं हुई तो गांव में बैठक कर आपस में चंदा करने का निर्णय लिया गया। लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग राशि दी और कुछ ही घंटों में करीब 6500 रुपये एकत्र कर लिए। इसके बाद बाजार से नया स्टार्टर मंगवाया गया और तकनीशियन बुलाकर उसे लगवाया गया। स्टार्टर चालू होते ही टंकी से जलापूर्ति शुरू हुई और लोगों के चेहरे खिल उठे।
ग्रामीण जितेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, शिववीर सिंह, छोटेलाल पाठक, राजेश कठेरिया, वीर सिंह, रामकिशोर, बृजेंद्र, रामसेवक और अन्य लोगों ने बताया कि गांव के लोगों ने बिना किसी भेदभाव के चंदा दिया। किसी ने 100 रुपये, किसी ने 200 रुपये तो किसी ने अधिक राशि देकर सहयोग किया। उनका कहना है कि यह काम सरकार का था, लेकिन मजबूरी में ग्रामीणों को खुद जिम्मेदारी निभानी पड़ी।
वर्जन
ग्रामीणों ने जो खर्च किया है उसकी प्रतिपूर्ति पंचायत से कराने का प्रयास किया जाएगा। आगे ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए टंकी की खराबी पंचायत स्तर पर ही तत्काल ठीक कराई जाएगी।-नवीन सिंह, ग्राम सचिव
