प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नैनागढ़ स्थित तलैया मोहल्ले में पति-पत्नी के विवाद के बाद एक महिला ने अपनी पांच वर्षीय बेटी के साथ कथित रूप से जहर निगल लिया। उपचार के दौरान शनिवार तड़के महिला की मौत हो गई, जबकि बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। उसका मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में उपचार चल रहा है। उधर, मायके पक्ष ने पति पर जबरन जहर खिलाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गढ़िया गांव निवासी जीतू अहिरवार ने बताया कि 11 वर्ष पहले उसकी बहन अर्चना (32) की शादी तलैया मोहल्ला निवासी हरिश्चंद्र से हुई थी। दंपती की पांच वर्षीय बेटी है, जो एक निजी स्कूल में एलकेजी की छात्रा है। मायके पक्ष का आरोप है कि हरिश्चंद्र कोई स्थायी काम नहीं करता था। परिवार का खर्च चलाने के लिए अर्चना आसपास के घरों में काम करती थी। आरोप है कि तीन दिन पहले हरिश्चंद्र ने दिव्यांशी का सोने का लॉकेट बेच दिया था। इसकी जानकारी होने पर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। अर्चना ने इस संबंध में अपने भाई को भी बताया था। परिजनों के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम दोनों के बीच फिर विवाद हुआ। इसके बाद हरिश्चंद्र घर से बाहर चला गया। आरोप है कि इसी दौरान अर्चना ने पहले बेटी को जहर दिया और फिर स्वयं भी जहर निगल लिया। घर लौटने पर हरिश्चंद्र ने दोनों को अचेत अवस्था में पाया और अस्पताल पहुंचाया।
अर्चना के भाई जीतू का कहना है कि उन्हें रात में घटना की सूचना दी गई। उपचार के दौरान शनिवार तड़के अर्चना की मौत हो गई, जबकि बच्ची का इलाज जारी है।
प्रेमनगर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि महिला की उपचार के दौरान मौत हुई है। बच्ची की हालत गंभीर है। पति से पूछताछ की गई है। मायके पक्ष की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्लॉट को लेकर भी चल रहा था विवाद
मायके पक्ष का आरोप है कि अर्चना के नाम अंबावाय क्षेत्र में 975 वर्ग फुट का एक प्लॉट था। ससुराल पक्ष उस प्लॉट को अपने नाम कराने या उसके बदले 10 लाख रुपये देने का दबाव बना रहा था। इसी विवाद के चलते करीब डेढ़ वर्ष पहले अर्चना मायके चली गई थी। मामला न्यायालय तक पहुंचा था। करीब छह माह पहले न्यायालय के आदेश पर वह दोबारा पति के साथ रहने लगी थी।
