झांसी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का लाभ देने का दावा किया जाता है लेकिन झांसी मंडल में अब भी 2.44 लाख पात्र लाभार्थी इस सुविधा से वंचित हैं। कारण यह है कि उनके आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बन सके हैं। ऐसे में जरूरत पड़ने पर वे योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अपर निदेशक स्वास्थ्य ने तीनों जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को 15 दिन के भीतर सभी पात्रों के कार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं।
झांसी मंडल के झांसी, जालौन और ललितपुर जिलों में शासन ने 5,95,879 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके सापेक्ष अब तक केवल 3,51,387 कार्ड ही बन पाए हैं। यानी लक्ष्य का 58.96 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जबकि 2,44,492 पात्र अब भी गोल्डन कार्ड बनने का इंतजार कर रहे हैं।
सबसे अधिक 1,19,517 पात्र झांसी जिले में आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं। ललितपुर में 57,298 और जालौन में 67,677 पात्रों के कार्ड बनने बाकी हैं। इसका मतलब है कि हजारों परिवार बीमारी की स्थिति में योजना के तहत मिलने वाले पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा से फिलहाल वंचित हैं।
स्थिति को गंभीर मानते हुए अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. आरके सोनी ने तीनों जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर 15 दिन के भीतर सभी पात्रों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रत्येक शहरी वार्ड, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अभियान की निगरानी माइक्रो प्लान के आधार पर की जाएगी, जिसमें अर्बन को-ऑर्डिनेटर और संबंधित चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी।
जनपदवार स्थिति
जनपद
लक्ष्य
बने कार्ड
शेष
झांसी
2,89,587
1,70,070
1,19,517
जालौन 1,80,975
1,13,268
67,707
ललितपुर
1,25,317
68,019
57,298
क्या है आयुष्मान भारत योजना?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड होना अनिवार्य है।
सभी अवशेष पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड 15 दिन के भीतर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक वार्ड और शहरी स्वास्थ्य केंद्र का माइक्रो प्लान तैयार कर नियमित निगरानी की जाएगी। – डॉ. आरके सोनी, अपर निदेशक स्वास्थ्य
