झांसी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं देशभक्ति के साथ रोजगार भी अर्जित करेंगी। शासन की ओर से विभाग को 2.50 लाख तिरंगा तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए अभी बबीना की एक सहायता समूह का चयन हुआ है जबकि अन्य समूह के चयन की प्रक्रिया में एनआरएलएम विभाग जुटा हुआ है।
इस लक्ष्य को पूरा करने की जिम्मेदारी जिले के विभिन्न ब्लॉकों में संचालित स्वयं सहायता समूहों को दी जानी है। समूह की महिलाएं घरों में ही तिरंगा तैयार करेंगी। इसके लिए उन्हें कच्चा माल और प्रशिक्षण विभाग की ओर से दिया जाएगा। झंडा निर्माण से महिलाओं को न केवल काम मिलेगा, बल्कि उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए समूहों को समय-सीमा के अंदर उत्पादन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। समूह की महिलाओं ने कहा कि उन्हें इस काम से खुशी है। एक तरफ वे देश के लिए तिरंगा तैयार करेंगी, दूसरी तरफ इससे उनके परिवार को आर्थिक सहयोग भी मिलेगा। इस संबंध में एनआरएलएम डीसी एसके सिंह ने बताया कि अभी बबीना के दुर्गापुर की त्रिवेणी स्वयं सहायता समूह का चयन हुआ है और करीब 20 महिलाएं तिरंगे को बनाने का काम करेंगी। अन्य समूह से आवेदन प्राप्त हुए हैं उनके चयन की प्रक्रिया चालू है। जल्द ही अन्य समूहों को भी तिरंगा निर्माण का मुहैया कराया जाएगा।
