हैदराबाद में काम करने के सिलसिले में घर से निकले एक युवक का शव शनिवार दोपहर झांसी रेलवे स्टेशन के फुट ओवरब्रिज पर फंदे से झूलता हुआ मिला। युवक एक ठेकेदार के अधीन काम करता था और अपनी तीन माह की बेटी की मौत के बाद से गहरे सदमे और मानसिक तनाव में था। स्टेशन से गुजरने वाले यात्रियों ने जब फेंसिंग के सहारे गले में वेल्डिंग वायर के फंदे पर युवक का शव देखा, तो तुरंत इसकी सूचना जीआरपी और आरपीएफ को दी।
जीआरपी प्रभारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मूल रूप से बुलंदशहर के थाना अनूपनगर क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मणपुर निवासी 27 वर्षीय रितेश पुत्र गुलाब सिंह हैदराबाद में गांव के ही एक ठेकेदार के अधीन कंपनी में काम करता था। कुछ दिन पूर्व उसकी तीन माह की मासूम बेटी की मौत हो गई थी, उसके बाद से वह काफी बेचैन रहने लगा था। इसी बीच, काम को लेकर उसकी ठेकेदार से भी अनबन हो गई थी।
परेशान होकर वह हैदराबाद से ट्रेन पकड़कर अपने घर बुलंदशहर लौट रहा था। झांसी स्टेशन पर उसे ट्रेन बदलकर बुलंदशहर की गाड़ी पकड़नी थी। शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वह प्लेटफार्म नंबर एक पर बने फुट ओवरब्रिज पर टहल रहा था। इसी दौरान उसने गले में वेल्डिंग वायर का फंदा बनाकर फेंसिंग के सहारे छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी। क्षेत्राधिकारी रेलवे सलीम खान ने बताया कि मृतक की शिनाख्त उसके पास मिले पहचान पत्र के आधार पर हुई है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, उनके झांसी पहुंचने पर मौत के स्पष्ट कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
जीआरपी व आरपीएफ ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज
जीआरपी प्रभारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में रितेश प्लेटफॉर्म और पुल पर टहलता हुआ दिखाई दे रहा है। उसके पैरों में चप्पल नहीं थी और उसकी हरकतें कुछ असहज नजर आ रही थीं। वह कभी खंभे के पास कमर पर हाथ रखकर खड़ा होता था, तो कभी अजीब सी स्थिति में फेंसिंग के पास जा पहुंचा। घटना के बाद शुरुआत में आरपीएफ और जीआरपी कर्मियों को ऐसा प्रतीत हुआ कि जैसे युवक फेंसिंग के सहारे केवल टिककर खड़ा हो।
रितेश और उसकी पत्नी दोनों हैं दिव्यांग
सीसीटीवी फुटेज की जांच में यह भी सामने आया कि रितेश बाएं पैर से दिव्यांग था और ठीक से चल नहीं पा रहा था। जीआरपी द्वारा परिजनों से संपर्क करने पर पुष्टि हुई कि वह बचपन से ही पैर की समस्या के कारण ठीक से चल नहीं पाता था, और हैरानी की बात यह है कि उसकी पत्नी भी दिव्यांग है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रितेश की शादी चार साल पहले हुई थी और करीब दो माह पूर्व उसकी तीन माह की बेटी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी, जिससे वह अंदर से टूट चुका था।
सफर के दौरान खो गया था मोबाइल फोन
जीआरपी प्रभारी ने बताया कि रितेश के पास मोबाइल फोन था, लेकिन हैदराबाद में ही उसका मोबाइल कहीं गुम हो गया था। जब वह हैदराबाद से ट्रेन में सवार हुआ था, तब उसने रास्ते में कोच के किसी अन्य यात्री के मोबाइल से अपने घर पर फोन कर यह जानकारी दी थी कि उसका मोबाइल खो गया है और ठेकेदार से विवाद होने के कारण वह वापस घर लौट रहा है। परिजन उसके सुरक्षित घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इस अनहोनी ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
