महिला प्रधान के बेटे संजय सिंह की हत्या मामले में वांछित जितेंद्र यादव उर्फ जीतू रविवार आधी रात के बाद पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के में पांव में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस उसे पिछले दस दिनों से तलाश रही थी। एसएसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पुलिस ने उसके पास से थार कार समेत तमंचा, कारतूस, चेक बुक एवं नकदी बरामद की है। घायल जीतू को पूछताछ के बाद मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि संजय हत्याकांड मामले में पुलिस जितेंद्र यादव का सुराग लगाने में जुटी थी। आधी रात को उसके झांसी-छतरपुर रोड के पास होने का सुराग मिलने पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस को देख आरोपी ने फायर शुरू कर दिया। पुलिस के जवाबी फायरिंग पर एक गोली जितेंद्र के पांव में जा लगी। एसएसपी के मुताबिक वारदात वाले दिन धर्मेंद्र एवं अजय ने जीतू के माध्यम से ही अजीम सेफी उर्फ भीम और हुसैन उर्फ खड्ड़ा को हत्या की सुपारी दी थी। शूटर हुसैन को बाइक से लेकर जीतू ही रेस्टोरेंट पहुंचा था। गोली मारने के बाद हुसैन को बाइक से लेकर भाग वह निकला। पिस्टल भी जीतू ने मुहैया कराई। इस मामले में मास्टर माइंड धर्मेंद्र परिहार समेत तीन गिरफ्तार हो चुके। शूटर हुसैन बृहस्पतिवार को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुआ था। अब पुलिस को इस मामले में सह अभियुक्त अजय यादव की तलाश है। पुलिस उसे भी तलाशने में जुटी है।
मैड किचन कैफे में मारी गई थी गोली
खिलौना टॉकीज के पास स्थित द मैड किचन कैफे में 23 जुलाई की संजय सिंह (33) को गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। संजय मूल रूप से हैवतपुर गांव का रहने वाला था। वर्तमान में सीपरी बाजार के नंदनपुरा इलाके में किराये के मकान में रहता था। संजय की हत्या जमीन को लेकर हुए विवाद एवं प्रतिशोध की आग के चलते हुई। संजय ने धर्मेंद्र एवं अजय यादव की कई जमीन पर कब्जा जमा लिया था। उसने धर्मेंद्र को कई बार सावर्जनिक तौर पर बेइज्जत किया था। इसका बदला चुकाने के लिए उसकी हत्या की गई।
मामले की जानकारी देते सीओ सिटी रामवीर सिंह…