विधानमंडल के मानसून सत्र से पहले रविवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन सभी का अधिकार है। आंदोलनकारी छात्रों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
हालांकि, आंदोलनों की आड़ में कानून-व्यवस्था भंग करने वालों को बख्शा न जाए। मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनाए रखी जाए। भविष्य में अलीगंज जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई हो। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। एनओसी के नाम पर नागरिकों का उत्पीड़न या शोषण न हो। अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। साइबर ठगी और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो। वाहनों के अनुचित चालान से आमजन में असंतोष न फैले, प्रवर्तन कार्रवाई पारदर्शी हो।
अयोध्या प्रकरण की भी समीक्षा
उन्होंने अयोध्या प्रकरण की भी विस्तृत समीक्षा के बाद कहा कि इसकी गहन एवं निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। जांच में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। बैठक में डीजीपी राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
