मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सदन में जाने से पहले विपक्ष को खरी-खरी सुनाई। कहा, जो लोग अयोध्या के मुद्दे को उठा रहे हैं, उन्होंने जय श्रीराम बोलने पर रामभक्तों पर लाठी-गोली चलवाई थी। राम मंदिर के खिलाफ न्यायालय में वकीलों की फौज खड़ी की थी। चंदा चोरी की बात वे लोग कर रहे हैं, जिनकी जेब से मंदिर निर्माण के लिए एक पैसा भी नहीं निकला। देश-दुनिया इनका दोहरा चरित्र देख रही है।
विधान परिषद में चढ़ावा चोरी पर विपक्ष का हंगामा, वेल में प्रदर्शन
विधानमंडल के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। सदन में जाने से पहले विपक्ष ने विधानभवन परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष बैनर आदि लेकर प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, दिल्ली में युवाओं पर लाठीचार्ज, बढ़ती महंगाई, नीट परीक्षा में गड़बड़ी, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और बेसिक स्कूलों को बंद करने के मुद्दे पर नारेबाजी की। वहीं सदन शुरू होने पर विधान परिषद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर सपा और भाजपा सदस्यों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सपा सदस्यों के वेल में आकर प्रदर्शन करने पर सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।
वहीं विधानसभा में सदन शुरू होने पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन हुआ। तत्पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ के निजामाबाद से सपा विधायक आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ा और श्रद्धांजलि अर्पित की। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय समेत पक्ष-विपक्ष के सभी दलीय नेताओं ने भी आलम बदी को श्रद्धांजलि अर्पित की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की भावनाओं से दिवंगत सपा विधायक के परिवार को अवगत कराने की बात कही। इसके बाद सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रहकर श्रद्धांजलि दी। संसदीय कार्य मंत्री ने बीते दिनों दिवंगत हुए 21 पूर्व विधायकों को भी सदन की ओर से श्रद्धांजलि देने का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभी के बारे में सदन को जानकारी दी। सदन में एक मिनट का मौन रखकर सभी पूर्व विधायकों को याद किया गया। तत्पश्चात सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।