उरई/जालौन। व्यापारी दिलीप अग्रवाल की स्कूटी से डेढ़ लाख रुपये से भरा बैग चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 80 हजार रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त दो बाइक बरामद की हैं। साजिश पूर्व कर्मचारी ने रची थी।
पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए एएसपी ईशान सोनी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद के नेतृत्व में चौकी प्रभारी मनीष कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक शिवम सिंह सेंगर और पुलिस टीम सारंगपुर रोड स्थित डायमंड कोल्ड स्टोर के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार पांच संदिग्ध युवकों को रोककर पूछताछ की गई। तलाशी लेने पर उनके पास से 80 हजार रुपये नकद, एक बजाज बाइक और एक होंडा बाइक बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने व्यापारी दिलीप अग्रवाल की स्कूटी से रुपयों से भरा बैग चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि बैग में 82 हजार रुपये थे, जिसमें से दो हजार रुपये खर्च कर दिए गए और बरामद रकम उसी घटना की है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहल्ला रापटगंज निवासी वाशिल व सजल फरीदी, शाहगंज निवासी सुफियान उर्फ लकी, तोपखाना निवासी फरहान और मुरलीमनोहर निवासी शानू के रूप में की है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास है और इनके खिलाफ चोरी समेत अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
दुकान से निकाले जाने के बाद कर्मचारी ने बनाई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि सजल फरीदी वर्ष 2019-20 में व्यापारी दिलीप अग्रवाल की दुकान पर काम करता था। उसे व्यापारी की दिनचर्या और आने-जाने की पूरी जानकारी थी। नौकरी से हटाए जाने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर टप्पेबाजी की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, सजल लगातार व्यापारी की रेकी करता रहा और घटना वाले दिन अपने साथियों को लोकेशन देता रहा। उसकी सूचना के आधार पर आरोपियों ने मौका पाकर स्कूटी से रुपयों से भरा बैग पार कर दिया। पुलिस का कहना है कि वारदात पूरी तरह सुनियोजित थी।
100 से अधिक सीसीटीवी खंगालने के बाद मिली सफलता
घटना के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज अहम साबित हुई। पुलिस ने नगर के 100 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। इसके साथ ही सर्विलांस टीम ने भी तकनीकी मदद से आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।
