खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी जिले ने माफिया अतीक अहमद के परिवार को एक और बड़ा जख्म दिया है। अतीक के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद की गुरुवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अपने बड़े भाई अली अहमद से झांसी जेल में मुलाकात करने जा रहा था। यह हादसा झांसी-कानपुर हाईवे पर हुआ। बताया जा रहा है कि पूछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास अचानक एक जानवर सड़क पर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में आबान और सोनू की मौके पर ही जान चली गई। झांसी जिले में ही साल 2023 में उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी और अतीक अहमद के तीसरे बेटे असद अहमद को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
2 of 11
Jhansi Accident
– फोटो : AI/अमर उजाला
झांसी में हुए दर्दनाक हादसे ने अतीक अहमद के परिवार में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। पिछले कुछ वर्षों में अतीक के परिवार में कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, हादसा झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हुआ। प्रयागराज से झांसी आ रही तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
3 of 11
Jhansi Accident
– फोटो : AI/अमर उजाला
हादसे में अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई। कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में मोहम्मद जैद और उमर शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
4 of 11
Jhansi Accident
– फोटो : AI/अमर उजाला
दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आबान अहमद प्रयागराज से झांसी अपने बड़े भाई अली अहमद से जेल में मुलाकात करने जा रहा था।
5 of 11
Jhansi Accident
– फोटो : AI/अमर उजाला
अली अहमद को एक अक्तूबर 2025 को प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था। यह स्थानांतरण सुरक्षा कारणों के चलते किया गया था। आबान प्रयागराज के सेंट जोसेफ कॉलेज का छात्र था। परिवार में सबसे छोटा होने के कारण वह खास माना जाता था।