यूपी में देवीपाटन मंडल मुख्यालय की नजूल भूमि पर करीब तीन दशक से चले आ रहे कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आने पर चारों जिलों में जांच के आदेश हुए हैं। मंडल स्तर से सरकारी भूमि के न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी के निर्देश जारी होने के बाद इस प्रकरण में भी कार्रवाई तेज होने की संभावना बढ़ गई है।
बलरामपुर में नगर पालिका के नजूल भूखंड संख्या 514 से 525 तक पर वर्ष 1999 से अवैध कब्जा बना हुआ है। इस भूमि को लेकर वर्ष 1997 से सिविल न्यायालय में वाद लंबित है। वर्ष 2008 में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने मामले में स्थगनादेश (स्टे) दिया था, जो अब भी प्रभावी बताया जा रहा है। मुकदमा अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
आरोप है कि विवादित सरकारी भूमि पर एक विद्यालय का निर्माण कर संचालित किया जा रहा है और उसे मान्यता भी मिल चुकी है। अब इस मामले की भी जांच कराई जाएगी कि विद्यालय को नियमों के अनुरूप मान्यता दी गई थी या नहीं।
इस मामले के खुलासे के बाद आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम सभा और नगर निकायों की सरकारी भूमि से जुड़े न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी कराई जाए, ताकि अनावश्यक स्थगनादेश समाप्त कराकर मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जा सके और सार्वजनिक भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा सके।
इसके साथ ही सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को अपने-अपने जनपदों में संचालित विद्यालयों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईओएस मृदुला आनंद ने बताया कि मामले की पड़ताल कराई जा रही है।
