उधमपुर-दुर्ग सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एसी कोच में कूलिंग न होने से नाराज यात्रियों ने शुक्रवार शाम झांसी स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। यात्री कोच से उतरकर एसी ठीक कराने की मांग पर अड़ गए। ट्रेन रवाना होने लगी तो यात्रियों ने चेन पुलिंग कर उसे रोक लिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद रेलवे स्टाफ और आरपीएफ ने यात्रियों को समझा-बुझाकर ट्रेन को रात 7:50 बजे रवाना कराया। हालांकि, इसके बाद भी कोच का एसी ठीक नहीं हो सका।
उधमपुर-दुर्ग सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20848) के बी-4 कोच का एसी खराब था। उमस भरी गर्मी में कूलिंग नहीं होने से यात्री परेशान थे। यात्रियों के मुताबिक, उन्होंने रास्ते में कई स्टेशनों पर एसी खराब होने की जानकारी रेलवे स्टाफ को दी थी। शुक्रवार शाम करीब 5:58 बजे ट्रेन झांसी स्टेशन पहुंची तो यात्री कोच से नीचे उतर आए और एसी ठीक कराने की मांग करने लगे।
निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन जैसे ही रवाना हुई, यात्रियों ने चेन पुलिंग कर उसे रोक लिया। बार-बार चेन पुलिंग किए जाने की सूचना पर आरपीएफ और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसी खराब होने की जानकारी मिलने पर इलेक्ट्रिकल विभाग की टीम को भी बुलाया गया। कर्मचारियों ने कोच के अंदर और ऊपर चढ़कर एसी को दुरुस्त करने का प्रयास किया, लेकिन कूलिंग शुरू नहीं हो सकी। इधर यात्री एसी ठीक होने के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ाने की मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक समझाने-बुझाने और मरम्मत के प्रयास के बाद स्टेशन स्टाफ ने यात्रियों को शांत कराया। इसके बाद ट्रेन को रात 7:50 बजे आगे के लिए रवाना किया गया।
ग्वालियर में भी जताया था विरोध
एसी कोच में कूलिंग नहीं होने पर यात्रियों ने झांसी से पहले ग्वालियर स्टेशन पर भी विरोध जताया था। यात्रियों का आरोप है कि उन्होंने पिछले स्टेशनों से ही कोच का एसी खराब होने की जानकारी रेलवे स्टाफ को दे दी थी लेकिन इसे ठीक नहीं कराया गया। यात्रियों का कहना था कि जब रेलवे ने एसी कोच का किराया लिया है तो गर्मी में कूलिंग की सुविधा मिलनी चाहिए। यात्रियों के मुताबिक, ग्वालियर स्टेशन पर स्टाफ ने उन्हें बताया था कि झांसी में एसी ठीक करा दिया जाएगा। इसके बाद करीब 15 मिनट बाद ट्रेन को झांसी के लिए रवाना कर दिया गया। झांसी पहुंचने पर भी एसी की खराबी दूर नहीं होने से यात्रियों का आक्रोश बढ़ गया।
दुर्ग सुपरफास्ट एक्सप्रेस के बी-4 कोच का एसी कूलिंग नहीं कर रहा था। झांसी स्टेशन पर उसे ठीक करने का प्रयास किया गया, लेकिन यात्री कूलिंग नहीं होने की बात पर अड़े रहे। यात्रियों को समझा-बुझाकर ट्रेन को रवाना किया गया। – मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, झांसी
