कोंच। नगर पालिका परिषद की सात फरवरी को हुई 9वीं बोर्ड बैठक को शून्य घोषित कर दिया गया है। इसी बैठक में सभासदों ने अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव के खिलाफ निंदा प्रस्ताव दर्ज कराया था। करीब छह माह बाद अब पालिका प्रशासन ने 14 अगस्त को 10वीं बोर्ड बैठक बुलाने की तैयारी की है। इसके लिए एजेंडा भी जारी कर दिया गया है।
सात फरवरी की बैठक में मुख्यमंत्री सृजन योजना के तहत कर, ट्यूबवेल के लिए जमीन उपलब्ध कराने और ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव समेत तीन प्रमुख प्रस्ताव रखे गए थे। निंदा प्रस्ताव को करीब 20 सभासदों का समर्थन मिलने और प्रोसीडिंग में दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी।
इसके बाद पालिकाध्यक्ष और ईओ के बीच खींचतान की स्थिति बनी। मार्च में प्रस्तावित बजट बैठक भी नहीं हो सकी। करीब छह माह तक बोर्ड की कोई बैठक नहीं बुलाई गई। इस दौरान सभासद सात फरवरी की बैठक से संबंधित गजट की प्रति की मांग करते रहे। बाद में अधिकारियों के आदेश पर उक्त बैठक को शून्य घोषित कर दिया गया।
बैठक शून्य घोषित होने के बाद अब 14 अगस्त को प्रस्तावित 10वीं बोर्ड बैठक को लेकर सभासदों और नगरवासियों में चर्चा है। खासतौर पर यह सवाल उठ रहा है कि जिस बैठक की प्रोसीडिंग में ईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव दर्ज हुआ था, उसे किस आधार पर शून्य घोषित किया गया।
वर्जन
सात फरवरी को हुई पालिका की 9वीं बोर्ड बैठक को पार्लियामेंट सेशन का हवाला देते हुए अपर जिलाधिकारी के आदेश पर शून्य घोषित कर दिया गया है।
प्रदीप गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष, कोंच
