आटा। थाना क्षेत्र के परासन ग्राम पंचायत के मजरा कुइयाझोर में सोमवार शाम जंगली सियार ने अलग-अलग स्थानों पर एक महिला और एक बालक पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। चरवाहों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह दोनों को सियार के चंगुल से छुड़ाया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर गांव के आसपास निगरानी कर रहे हैं।
कुइयाझोर निवासी क्रांति (48) सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे खेत से चारा काटकर घर लौट रही थीं। गांव से करीब 400 मीटर पहले झाड़ियों से निकले सियार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। सियार ने उनके हाथों में काट लिया, जिससे वह घायल हो गईं। महिला के शोर मचाने पर वहां से गुजर रहे चरवाहे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और सियार को खदेड़कर महिला को बचाया।
इसी दिन कुइयाझोर निवासी छोटू (13) किसी काम से परासन गया था। शाम को वह पैदल गांव लौट रहा था। गांव से करीब एक किलोमीटर पहले उसी सियार ने उस पर भी हमला कर दिया। सियार ने बालक के सीने में काट लिया, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। बालक की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद चरवाहे और ग्रामीण दौड़ पड़े और उसे भी सुरक्षित बचा लिया।
बचाने पहुंचे लोगों पर भी झपटा सियार
ग्रामीणों के अनुसार दोनों पर हमला करने के बाद सियार बचाव के लिए पहुंचे लोगों की ओर भी झपटा। हालांकि ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के कारण वह जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
घटना के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। ग्रामीणों का कहना है कि सियार का व्यवहार असामान्य था और वह पागल प्रतीत हो रहा था। हमले के बाद गांव में भय का माहौल है। लोग शाम होते ही बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं और खेतों की ओर जाने से भी डर रहे हैं।
