झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) अब सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुनियोजित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। बीडा क्षेत्र में दो रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इनके अलावा दो किलोमीटर की परिधि में 200 बेड का अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, पुलिस स्टेशन, कम्युनिटी पार्क और स्पोर्ट्स सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। चार किलोमीटर के दायरे में 500 बेड का अस्पताल, फायर स्टेशन के साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल और पैरामेडिकल कॉलेज बनाने का प्रावधान किया गया है।

मंगलवार को आयुक्त सभागार में हुई बीडा की 10वीं बोर्ड बैठक में फाइनल मास्टर प्लान-2045 और भवन विनियमावली को अंतिम रूप दिया गया। भू-उपयोग में मामूली बदलाव को भी बोर्ड ने मंजूरी दी। अब मास्टर प्लान-2045 और भवन विनियमावली को शासन से अनुमोदन के बाद राजपत्र में अधिसूचित कराने के लिए भेजा जाएगा।

दो रेलवे स्टेशन से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

बीडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए दो रेलवे स्टेशनों के निर्माण की योजना प्रस्तावित की गई है। इससे औद्योगिक इकाइयों के साथ यहां आने-जाने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। योजना में परिवहन क्षेत्र के लिए 11.47 फीसदी भूमि का प्रावधान किया गया है।

दो किमी में अस्पताल से स्कूल तक

मास्टर प्लान में लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। दो किलोमीटर की परिधि में 200 बेड का अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, पुलिस स्टेशन, कम्युनिटी पार्क और स्पोर्ट्स सेंटर होंगे। वहीं चार किलोमीटर की परिधि में 500 बेड का अस्पताल, फायर स्टेशन और इंजीनियरिंग, मेडिकल व पैरामेडिकल कॉलेज विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बीडा क्षेत्र में रहने और काम करने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए दूर न जाना पड़े।

सीवेज ट्रीटमेंट के लिए छह प्लांट

बीडा क्षेत्र में सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट के निस्तारण के लिए भी व्यवस्था की गई है। मास्टर प्लान में तीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और तीन कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का प्रावधान किया गया है।

भू-उपयोग में औद्योगिक क्षेत्र सबसे ज्यादा

मास्टर प्लान में सबसे अधिक 32.06 फीसदी भूमि औद्योगिक क्षेत्र के लिए रखी गई है। इसके अलावा 14.42 फीसदी आवासीय, 24.95 फीसदी हरित, 11.47 फीसदी परिवहन और 17.10 फीसदी भूमि अन्य उपयोग के लिए निर्धारित की गई है।

भू-उपयोग का प्रस्तावित ब्योरा

औद्योगिक क्षेत्र — 32.06 फीसदी

आवासीय क्षेत्र — 14.42 फीसदी

हरित क्षेत्र — 24.95 फीसदी

परिवहन क्षेत्र — 11.47 फीसदी

अन्य — 17.10 फीसदी

315 हेक्टेयर भूमि खरीद की दरें तय

बोर्ड बैठक में 315 हेक्टेयर भूमि की खरीद के लिए दरों का भी निर्धारण कर दिया गया। अब 14 गांवों में भूमि खरीद की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। बीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय खत्री ने बताया कि भूमि खरीद से जुड़े प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। बैठक में भू-अर्जन, मास्टर प्लान और अन्य विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श कर अनुमोदन दिया गया। बताते चलें कि बीडा का विकास 33 गांवों की करीब 56,600 एकड़ भूमि में प्रस्तावित है।

बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने की। इसमें बीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय खत्री, डीएम गौरांग राठी, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा, एसीईओ प्रवीण वर्मा और एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



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