बीयू के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि यह अच्छी बात है कि इस बार भी छात्राओं ने सर्वाधिक स्वर्ण पदक और उपाधियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि समाज में समानता बनाए रखने के लिए संतुलन आवश्यक है। यदि असन्तुलन हुआ तो अन्य समस्याएं उत्पन्न हो जाएगी।
इसके उदाहरण में गुजरात का एक प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि गुजरात में एक जगह महिला छात्रावास की स्थापना की गई। लेकिन, बाद में पढ़ी-लिखी लड़कियां के लिए अच्छे पर ढूंढने की चुनौती भी उनके परिवार के सामने उत्पन्न हो गई। अंत में उन्होंने लड़कियों से कहा कि पढ़ लिखकर सक्षम बने। यदि कोई गलत करें तो उसे कड़ा जवाब दो। कुलाधिपति ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आई राज भवन की टीम की ओर से पकड़ी गई खामियों का बिंदुवार उल्लेख किया और उन्हें समय रहते दुरुस्त करने की भी सलाह दी। उन्होंने बताया कि समता हॉस्टल के अलावा शेष चारों छात्रावासों में खानपान की व्यवस्था सही की जाए।
आर्किटेक्ट विभाग में लगी लिफ्ट केवल शिक्षकों के लिए प्रयोग किया जाना गलत है यह विद्यार्थियों के लिए भी खोली जाए, इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि पहले दो तल के अलावा बाकि तल छात्रों के लिए भी खोले जाएं। उन्होंने फार्मेसी विभाग के पास पड़ी गंदगी को साफ करवाने के लिए भी कहा।
