आटा। गुरु इटौरा में स्थित श्रीकृष्ण संस्कृत विद्यालय छात्रावास के दो छात्रों की तबीयत बिगड़ने और एक के दम तोड़ने का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम डीएम राजेश कुमार पांडेय व एसपी विनय कुमार सिंह ने विद्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया। बीमार छात्र की भी हालत गंभीर है और वह मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम छात्रावास में डेरा डालकर अन्य छात्रों की जांच कर रही है।

कालपी कोतवाली क्षेत्र के मंगरौल निवासी सक्षम द्विवेदी (12) संस्कृत विद्यालय इटौरा में का सातवीं का छात्र था। वह विद्यालय के छात्रावास में रहता हैं। बुधवार की सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। विद्यालय प्रबंधन ने नजदीकी अस्पताल में दिखाया। आराम न मिलने पर छात्र के पिता रविकांत विद्यालय पहुंचे। 12 अगस्त को वे छात्र को कानपुर ले जा रहे थे, भौंती के पास मौत हो गई थी।

इसके बाद शुक्रवार की सुबह विद्यालय के छठवीं के छात्र चिराग शुक्ला (11) निवासी कुआखेड़ा की हालत भी खराब हो गई। परिजनों को सूचना देने के बाद उसे उरई मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

दोनों छात्रों की बीमारी का स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। छात्रों में पेट में दर्द और गला चोक होने जैसी शिकायतें बताई गई हैं। शुक्रवार सुबह विद्यालय के प्रधानाचार्य बालमुकुंद शुक्ल की सूचना पर डीएम राजेश कुमार पांडेय, एसपी विनय कुमार सिंह, सीएमओ, एसडीएम कालपी विनय कुमार मौर्य व बीडीओ कदौरा संदीप मिश्रा विद्यालय पहुंचे।

अधिकारियों ने विद्यालय में छात्रों के रहने, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की बारीकी से जानकारी ली। पर्याप्त पलंग नहीं होने के कारण बच्चों के जमीन पर सोने की जानकारी सामने आई। डीएम ने तत्काल 20 पलंग मंगवाने के निर्देश दिए। इनके लिए होने वाले खर्च का भुगतान स्वयं करने की बात कही। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन को छात्रों के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने, साफ-सफाई और भोजन-पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

वर्जन

किसी कीड़े के काटने की आशंका

छात्र को शुरुआती जांच में संक्रमण जैसी बीमारी नहीं थीं। न ही उसे बुखार जैसी बात पता चली है। आशंका है कि किसी कीड़े ने काटा हो। छात्र को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।

डॉ. एचएन प्रसाद, सीएमओ

वर्जन

12 अगस्त को सक्षम की तबीयत अचानक बिगड़ जाने से उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां से उन्हें गंभीर हालत होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया था, यहां रास्ते में उसकी मौत हुई है। – बालमुकुंद शुक्ल, प्रधानाचार्य, संस्कृत विद्यालय।

इनसेट

इकलौते पुत्र को देखकर भविष्य के सपने संजो रहे थे माता-पिता

आटा। इटौरा के संस्कृत विद्यालय में 12 अगस्त को छात्र सक्षम की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सक्षम के पिता रविकांत और मां श्वेता ने बताया कि वह उनकी इकलौती संतान था। उन्होंने सक्षम को वर्ष 2025 में संस्कृत विद्यालय में पढ़ने के लिए भेजा था। बेटे से काफी उम्मीदें थीं और उसके बेहतर भविष्य के सपने संजो रहे थे। इकलौते बेटे की अचानक मौत से माता-पिता का सहारा छिन गया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। (संवाद)

फोटो - 32 मृतक छात्र सक्षम की फाइल फोटो।

फोटो – 32 मृतक छात्र सक्षम की फाइल फोटो।

फोटो - 32 मृतक छात्र सक्षम की फाइल फोटो।

फोटो – 32 मृतक छात्र सक्षम की फाइल फोटो।



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