बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश में अनेक समस्याओं के बावजूद लोग स्वतंत्रता दिवस का जश्न हर्ष-उल्लास से मनाएं, लेकिन ‘विकसित भारत’ और ‘मेरा भारत महान’ के सपने को साकार करने की क्षमता रखने वाली युवा पीढ़ी अब सरकारों से जवाबदेही भी मांग रही है।
मायावती ने कहा कि वर्तमान में भारत की आबादी का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा 30 वर्ष से कम आयु के युवाओं का है। यह युवा वर्ग अपने जीवन को आत्म-सम्मान के साथ बेहतर बनाने और भविष्य संवारने के लिए प्रयासरत है। इसके बावजूद व्यवस्था में बैठे लोगों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण युवाओं में सरकार से जवाबदेही मांगने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवा बेहतर स्कूल, अस्पताल और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए शासन-प्रशासन से जवाबदेही चाहते हैं।
बीएसपी प्रमुख ने संविधान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं के बीच स्थापित ‘चेक एंड बैलेंस’ की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कमजोर नहीं पड़नी चाहिए, ताकि कोई भी निरंकुश न हो सके और देश व समाज के सभी वर्गों को समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिले।
उन्होंने दलितों, शोषितों, पीड़ितों, गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों समेत वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों एवं जिम्मेदारियों की याद दिलाते हुए सरकारों से जनहित और देश के प्रति अपने दायित्वों को सही ढंग से निभाने की अपील की।
