मोंठ के भरोसा गांव निवासी मनोज अहिरवार (33) ने बेटे को स्कूल भेजने के बाद कमरे में फंदा लगा लिया। दोपहर को जब बेटा स्कूल से लौटकर आया, तब पिता को फंदे से लटका देख वह चीख उठा। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों के मुताबिक मनोज कई महीनों से कैंसर से पीड़ित था। इस वजह से ही उसके सुसाइड करने की आशंका जताई जा रही है।
भरोसा गांव निवासी मनोज खेती-किसानी करता थ। परिवार में पत्नी सीमा समेत बेटा प्रिंस (16) और पीयूष (13) है। परिजनों के मुताबिक सीमा और पीयूष नंदनपुरा इलाके में किराए का कमरा लेकर रहते हैं। कुछ समय पहले मनोज को मुंह में कैंसर होने की बात मालूम चली। उसके बाद से मनोज का ग्वालियर में उपचार चल रहा था। खर्च बढ़ने से मनोज परेशान रहने लगा। 14 अगस्त को मनोज और प्रिंस गांव में थे। मनोज ने सुबह प्रिंस को स्कूल भेज दिया। उसके जाने के बाद पंखे के रॉड के सहारे रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के मुताबिक पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
