लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की शिकायतों के बाद आईआईटी खड़गपुर की टीम ने जो तकनीकी जांच की, उसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है। रिपोर्ट में ड्रेनेज, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, मिट्टी की पटाई में लापरवाही को उजागर किया गया है।

नेशनल हाइवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया एनएचएआई की ओर से चार हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत से लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस तैयार करवाया गया। पीएनसी इंफ्राटेक ने एक्सप्रेसवे का निर्माण किया, जिसका शुभारंभ 13 जुलाई को हुआ। लेकिन महज बीस दिन में एक्सप्रेसवे का घटिया निर्माण उजागर होने लगा। एक के बाद एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की शिकायतें सामने आने लगीं। इसके बाद एनएचएआई ने तत्परता दिखाई और तत्कालीन परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटाया तथा निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की। 

इतना ही नहीं एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद कर दी गई और सड़क की मरम्मत करवाई जा रही है। साथ ही आईआईटी खड़गपुर की टीम से एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच करवाई गई। यह जांच तीन दिनों तक चली। इसके बाद टीम वापस लाैट गई। 

सूत्र बताते हैं कि जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है, जिसे एनएचएआई के केंद्रीय मुख्यालय को साैंपा गया है। हालांकि एनएचएआई अफसर रिपोर्ट को लेकर अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। लेकिन विभागीय सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में एक्सप्रेसवे पर ड्रेनेज सिस्टम, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता व मिलावट के अनुपात में गड़बड़ी के अलावा मिट्टी की पटाई में लापरवाही उजागर की गई है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि जिम्मेदारों पर कब तक गाज गिरती है। रिपोर्ट कब तक सार्वजनिक की जाएगी, अफसर इस पर भी कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं।

150 मीटर तक उखड़ी सीमेंट की परत

लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर कोरारी रेलवे पुल पर जोड़ के करीब 150 मीटर लंबाई में सीमेंट की परत उखड़ गई है। पुल पर किमी संख्या 64.4 व 64.5 के बीच यह गड़बड़ी सामने आई है। एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम को यह गड़बड़ी नजर नहीं आई है। जिसके चलते मंगलवार दोहपर तक मरम्मत कार्य नहीं करवाया गया। इसके अलावा किमी संख्या 62.8 पर तीसरी लेन में 50 मीटर सड़क हल्की सी दब गई है, जिससे वहां पानी भर गया है।

 



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