झांसी। मानसूनी सीजन खत्म होने में 28 दिन बचे हैं और बुंदेलखंड के सात में से चार जिलों में मेघ अब तक रूठे हैं। बांदा, जालौन, ललितपुर और झांसी में सामान्य से कम वर्षा हुई है। इसमें भी सबसे खराब स्थिति झांसी की है, जहां सामान्य से 41 फीसदी कम पानी गिरा है।
झांसी में 15 जून से 15 सितंबर तक मानसूनी सीजन माना जाता है। इन तीन महीनों में सामान्य वर्षा करीब 825 मिलीमीटर है। इस बार झांसी में जुलाई में मानसून की दस्तक हुई। कुछ दिन अच्छी बारिश हुई और फिर मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई। हालांकि, अगस्त में फिर मानसून सक्रिय होने से कुछ दिन अच्छी बारिश देखने को मिली। इसके बावजूद अब तक झांसी जनपद में बारिश की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। भारतीय माैसम विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार यहां अब तक 292 मिलीमीटर ही पानी गिर सका है, जो कि सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। वहीं, बांदा में 10 प्रतिशत, ललितपुर में 13 फीसदी और जालौन में 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
हालांकि, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में मानसूनी सीजन के दौरान अच्छी वर्षा देखने को मिली है। चित्रकूट में सामान्य से 27 फीसदी, हमीरपुर में 23 प्रतिशत और महोबा में तीन फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में हवाओं के निम्न दाब का क्षेत्र बनने से अब 20 से 23 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। बुधवार को भी हल्की बारिश हो सकती है।
धान के लिए चिंताजनक, दलहन, तिलहन के लिए फायदेमंद
डॉ. आदित्य ने बताया कि अभी जितनी बारिश हुई है, वो धान की फसल के लिए चिंताजनक है। क्योंकि, इस फसल को ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है। हालांकि, झांसी समेत बुंदेलखंड में धान का रकबा काफी कम है। वहीं, दलहन और तिलहन के लिए इतनी बारिश फायदेमंद है। उन्होंने दलहन, तिलहन की खेती करने वाले किसानों को सलाह दी कि आगामी दिनों में बारिश के दौरान खेतों में जलनिकासी का इंतजाम रखें।
बुंदेलखंड के जिलों में वर्षा की ये है स्थिति
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जनपद सामान्य वर्षा अब तक हुई
बांदा 521.1 467.7
चित्रकूट 529.0 669.3
हमीरपुर 475.3 586.1
जालौन 439.9 351.0
झांसी 492.6 292.0
ललितपुर 561.4 490.8
महोबा 405.4 417.4
(नोट: बारिश के आंकड़े एक जून से 18 अगस्त तक मिलीमीटर में।)
