उरई। छह साल पुराने किशोरी से छेड़खानी और मारपीट के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने युवक को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 23 अक्तूबर 2020 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि दोपहर करीब 2:30 बजे उसकी 14 वर्षीय बेटी गांव के खेत में बकरियां चरा रही थी। तभी नुनायचा निवासी मोनू वहां पहुंचा और किशोरी का बुरी नीयत से हाथ पकड़ लिया। किशोरी के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उसे युवक के चंगुल से बचाया। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़खानी समेत पॉक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ न्यायालय में कलमबंद बयान दर्ज कराए गए, जिसमें उसने घटना की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। सोमवार को मामले की सुनवाई पूरी होने पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजीव सिंह ने मोनू को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने दोषी को पांच साल के कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
