लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की बोर्ड बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इसमें 18 साल से लंबित आईआईएम रोड स्थित प्रबंध नगर योजना को मंजूरी मिलने का प्रस्ताव खास रहा। योजना के मूर्त रूप लेने पर करीब दो लाख लोगों को आवास मिल सकेंगे।

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिचालन के तहत नई आवासीय योजनाओं, बस अड्डे, आईटीआई और अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रस्ताव भी पास हुए। एलडीए ने वर्ष 2008 में हरदोई-सीतापुर रोड और आईआईएम रोड के पास प्रबंध नगर योजना प्रस्तावित की थी।

करीब 1800 एकड़ में विकसित होने वाली यह परियोजना भूमि अधिग्रहण, मुआवजे की दरों और किसानों के साथ कानूनी व अदालती विवादों के कारण अटकी थी।

इस फैसले से शहर के पूर्वी हिस्से में आवासीय और व्यावसायिक विकास को गति मिलेगी। बैठक में तय किया गया कि प्रबंध नगर योजना को धरातल पर उतारने के लिए किसानों को मुआवजे के लिए एक समिति गठित होगी। योजना को आगे बढ़ाने से पहले पर्यावरण न्यायालय की आपत्तियों का निस्तारण होगा। प्रभावित किसानों का मुआवजा भी बाजार दर के हिसाब से संशोधित किया जाएगा।

एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण का ध्यान आवास, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित है। नई योजनाओं के जरिए न सिर्फ आवास की समस्या हल होगी बल्कि युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। बोर्ड परिचालन से पास हुए सभी प्रस्तावों को अब शासन को भेजा जाएगा। शासन से अंतिम अनुमति मिलने के बाद इन पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

योजना की मुख्य विशेषताएं

– आईआईएम रोड और हरदोई-सीतापुर बाईपास के पास बैला, अल्लू नगर और मुत्तकीपुर जैसे गांवों के करीब है योजना।

– आधुनिक आवासीय ब्लॉक, वाणिज्यिक क्षेत्र और हरित गलियारे बनाने का प्रस्ताव

– इस मेगा प्रोजेक्ट से लगभग दो लाख लोगों को मकान और भूखंड मिलने की उम्मीद जताई गई है



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें