उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में प्रवेश, पढ़ाई, परीक्षा व परिणाम की निगरानी बढ़ाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से प्रदेश के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को छह जोन में बांटा जाएगा। इसके बाद विशेष सचिव व संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को इन जोन का नोडल बनाएंगे। इनसे हर महीने रिपोर्ट लेकर उच्च स्तर पर कार्यवाही की जाएगी।
हाल ही में उच्च स्तर पर हुई समीक्षा में नाराजगी जताई गई है। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने शासन स्तर से निगरानी बढ़ाने और व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए कवायद तेज की है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इसके तहत प्रदेश को छह जोन में बांटा जाएगा। हर जोन का एक प्रभारी नोडल बनाया जाएगा। यह विशेष सचिव, संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी होंगे।
इसके माध्यम से विवि व कॉलेज स्तर तक पढ़ाई, परीक्षा, परिणाम, सुविधाओं आदि की मॉनीटरिंग की जाएगी। देखा जाएगा कि शैक्षिक कैलेंडर के अनुपालन में कहां से कमी हो रही है। शासन स्तर पर बैठक कर इन कमियों को समय से दूर करने का प्रयास किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को विवि और कॉलेजों के अनुसार प्रदेश के यह छह जोन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विवि व कॉलेज स्तर पर भी बनाए जाएंगे नोडल
शासन स्तर के अलावा विवि और कॉलेज स्तर पर भी नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। विवि अपने नोडल से संबद्ध कॉलेजों से रिपोर्ट लेंगे। इसे वे विभाग को देंगे। राजकीय कॉलेजों में भी एक-एक नोडल होगा। इनकी रिपोर्ट पर आगे सुधार के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
