सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश में चीनी की आपूर्ति को लेकर समीक्षा की। उन्होंने भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने और सभी पंजीकृत चीनी मिलों और थोक व फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। इसके बाद सभी जिलों में चीनी स्टॉक की जांच की गई। चेतावनी भी दी गई कि नियम से ज्यादा स्टॉक मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी बताकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाजारी और भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा और वे एक समय में 400 मीट्रिक टन से ज्यादा स्टॉक भी नहीं रख सकते। बल्क कंज्यूमर्स यानी बड़ी मात्रा में उपभोग करने वाले भी (10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत) 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के अंतर्गत बेची गई चीनी को विक्रय की तिथि से 7 दिन से अधिक अवधि तक गोदाम में नहीं रोकेंगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक धारित करने या जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई की जाए। चीनी की उपलब्धता और मूल्य पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी या मूल्यवृद्धि की स्थिति में तत्काल शासन को अवगत कराएं।
