झांसी। नगरीय इलाकों के भवन स्वामियों के लिए जल संस्थान ने भी एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) पेश की है। इससे नगरीय सीमा के 27,157 बड़े बकायेदारों को फायदा होगा। योजना 15 अगस्त से आरंभ होकर 15 दिसंबर तक लागू रहेगी। ओटीएस में शामिल होने पर बकायेदारों को ब्याज नहीं देना होगा।

एकमुश्त बकाया जमा करके वह फायदा ले सकेंगे। सामान्य तौर पर जल संस्थान बकाया बिल पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज लेता है। यदि फिर भी बिल जमा नहीं होता तो 15 प्रतिशत ब्याज को मूल टैक्स में जोड़ दिया जाता है। इसके बाद दूसरी बार में उस पर 15 प्रतिशत ब्याज लगता है। इस तरह यह चक्रवृद्धि ब्याज की तरह यह बकाया आगे चलता रहता है, जो कनेक्शन धारक टैक्स जमा नहीं करते, उन पर साल-दर-साल ब्याज का बोझ बढ़ता जाता है। वहीं, ब्याज लगातार बढ़ते जाने की वजह से भवन स्वामी टैक्स भी नहीं चुकाते। नगर निकायों की भारी लेनदारी को देखते हुए जल संस्थान के लिए भी ओटीएस लागू की। योजना लागू होने से पहले जिन लोगों ने पूरा या आंशिक भुगतान कर दिया, उन्हें किसी भी प्रकार की धनराशि वापस नहीं होगी। महाप्रबंधक सिद्धार्थ कुमार के मुताबिक शासन के निर्देश के मुताबिक ओटीएस योजना लागू की गई है। इसके लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

पूरा ब्याज होगा माफ

ओटीएस योजना का लाभ एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाये पर दिया जाएगा। बकायेदारों को ब्याज में पूरी छूट मिलेगी। हालांकि, इसके पहले उनको अपना पूरा बिल चुकाना होगा। बकायेदारों की सुविधा के लिए उनको तीन किस्त में इसे जमा करने की सुविधा दी गई है। पहली किस्त बकाया की एक तिहाई होगी और इसे 30 दिन में जमा करना होगा। बाकी दो किस्तें अगले दो महीने में जमा करनी होंगी। आवेदन का निस्तारण 15 दिन में किया जाएगा।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह कर सकेंगे आवेदन

ओटीएस में शामिल होने के लिए बकायेदार ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से फार्म डाउनलोड भी किया जा सकता है। जल संस्थान कार्यालय में इस फार्म को जमा करने के बाद वह योजना में शामिल हो सकेंगे।



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