उरई। कलक्ट्रेट परिसर में बिना अनुमति प्रदर्शन और हंगामा करने के आरोप में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी समेत सात नामजद और 70 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जातिगत विद्वेष फैलाने वाली टिप्पणी और भाषणबाजी करने का भी आरोप लगाया है।

कोतवाली के जेल चौकी प्रभारी विवेक कुमार मिश्र की तहरीर के मुताबिक सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे वीआईपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के कलक्ट्रेट में हंगामा करने की सूचना मिली। पुलिस के पहुंचने पर मुकेश सहनी समेत कार्यकर्ता बिना अनुमति जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर नारेबाजी करते मिले। इसके बाद पंडित गोविंद वल्लभ पंत की मूर्ति के पास बगीचे में भी नारेबाजी और हंगामा किया गया। पुलिस का कहना है कि इससे आम फरियादियों को परेशानी हुई और बगीचे के पेड़ व गमले क्षतिग्रस्त हुए।

नामजद आरोपियों में कार्यक्रम प्रभारी अच्छेलाल निषाद, कमलेश सिंह निषाद, सनोज कुमार निषाद, भारत सिंह निषाद, अखिल अच्छेलाल निषाद, पहलवान सोबरन पाल और राधाचरण रायकवार शामिल हैं। पांच-छह अज्ञात बाउंसरों को भी आरोपी बनाया गया है।

कार्यक्रम की अनुमति न मिलने से नाराज थे सहनी

सोमवार को शहर के एक होटल में मुकेश सहनी का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसकी जिम्मेदारी अच्छेलाल निषाद को दी गई थी। कार्यकर्ता कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे, तभी प्रशासन की ओर अनुमति नहीं होने की बात कही गई। जिले में पहुंच चुके सहनी ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। इसके बाद वे कलक्ट्रेट पहुंचे और पार्क में करीब एक घंटे तक बैठे रहे। उनके जाने के बाद जेल चौकी प्रभारी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई।

देश संविधान से चलता है : मुकेश

उरई। बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि उनके कार्यकर्ता एक सप्ताह से अनुमति के लिए परेशान हैं, इसके बाद भी उन्हें अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि वह पूरे प्रदेश में कार्यक्रम कर रहे हैं। हर जगह उनका सहयोग हो रहा है, लेकिन यहां का प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। दो घंटे पहले उनकी परमीशन निरस्त कर दी गई। कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता 15 दिन से तैयारियों में लगे थे। उन्होंने कहा कि मोदी दी दिमागी नक्सल की बात करते हैं, लेकिन यह नक्सल प्रशासन में भरा हुआ है। बिना कारण के कार्यक्रम निरस्त किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशासन कार्यक्रम में भगदड़ होने की बात कह रहा है, वह क्या भगवान हैं। प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए। (संवाद)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *