झांसी/एरच। गरौठा तहसील में विकसित हो रहे जनरल विपिन रावत डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा क्षेत्र की एक और कंपनी ने दस्तक दी है। यूपीडा की ओर से 100 एकड़ जमीन आवंटित किए जाने के बाद माइक्रॉन इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर जमीन और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
कंपनी यहां फ्यूज, सेफ्टी एंड आर्मिंग डिवाइस समेत अन्य रक्षा उत्पादों के निर्माण की इकाई स्थापित करने की तैयारी में है। कंपनी प्रतिनिधियों के अनुसार प्लांट का निर्माण करीब 18 माह में पूरा करने की योजना है। इकाई शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बता दें कि माइक्रॉन इंस्ट्रूमेंट्स रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले मैकेनिकल टाइम फ्यूज, सेफ्टी एंड आर्मिंग डिवाइस, क्लॉकवर्क मैकेनिज्म और विभिन्न कैलिबर के रॉकेट संबंधी उत्पाद बनाती है। कंपनी 23 एमएम से 155 एमएम तक के विभिन्न कैलिबर के लिए मैकेनिकल टाइम फ्यूज और सुरक्षा उपकरण तैयार करती है। कंपनी के प्रतिनिधि सरताज सिंह ने बताया कि कंपनी करीब छह दशक से रक्षा क्षेत्र के लिए उत्पाद तैयार कर रही है। इसके करीब 70 फीसदी उत्पादों का निर्यात किया जाता है। प्रस्तावित इकाई में युवाओं को प्रशिक्षण देकर करीब 100 लोगों को रोजगार देने की योजना है।
अब तक 23 कंपनियों को उपलब्ध कराई जा चुकी जमीन
झांसी नोड स्थित डिफेंस कॉरिडोर में अब तक 23 कंपनियों से करार कर उन्हें जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। हालांकि, सभी इकाइयों का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल चार कंपनियों ने निर्माण कार्य शुरू किया है। इनमें भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की इकाई का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और यहां मशीनरी स्थापित की जा रही है। अन्य तीन कंपनियों ने भी निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
बीडीएल यहां अत्याधुनिक मिसाइलों और ग्रैड रॉकेट से जुड़े उत्पादों के निर्माण की तैयारी कर रही है। बीडीएल ने मार्च 2026 में स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया था कि झांसी इकाई में वित्त वर्ष 2026-27 में उत्पादन शुरू करने की योजना है।
डिफेंस कॉरिडोर में अवस्थापना संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम भी जारी है। बारिश के बाद अधिकांश कंपनियों की ओर से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। – अजय कुमार, अभियंता, यूपीडा
