श्रावस्ती में ककरदरी वन क्षेत्र के रानीपुर गांव के पास नहर में बृहस्पतिवार को एक डॉल्फिन चहलकदमी करती दिखी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पर एसडीओ वेद प्रकाश व ककरदरी रेंजर मोहित श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर पहुंचे और डॉल्फिन को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद राप्ती नदी में छोड़ते समय उसकी मौत हो गई। वन विभाग ने उसे पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है।
डॉल्फिन की मौत जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग जहां इसे वन कर्मियों की लापरवाही बता रहे हैं तो कुछ इसके अस्वस्थ होने को मौत का कारण बता रहे हैं। डीएफओ धनराज मीणा ने बताया कि डॉल्फिन को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे पिकअप वाहन से सुरक्षित राप्ती नदी में छोड़ने के लिए ले जाया गया। जब राप्ती नदी में छोड़ा गया तो वह मृत मिली।
डीएफओ ने बताया कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगा। जलीय जीवों का वातावरण परिवर्तित होने से कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो जाती है। प्रथम दृष्टया डॉल्फिन के मौत के पीछे का कारण भी जलीय वातावरण परिवर्तन ही लग रहा है। प्रकरण की जांच जारी है। जिले की नहरें राप्ती नदी से जुड़ी हुई हैं। डॉल्फिन नदी में बह के आई होगी और बैराज से नहर में आ गई होगी।