उत्तर प्रदेश में अगस्त यानी सावन में अच्छी बरसात के बाद अब भादो की शुरुआत भी ठीक-ठाक बारिश के साथ होने वाली है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत हो गया है। इसके असर से शनिवार से उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र और पूर्वी तराई के जिलों में बारिश बढ़ने के आसार हैं। विंध्य क्षेत्र के सोनभद्र, चंदौली, मिर्जापुर, वाराणसी आदि जिलों के साथ ही पूर्वी तराई के कुछ जिलों में अगले चार दिनों में कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।
बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी
साथ ही इस दौरान प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा के तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बना है। अगले 48 घंटों में इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके चलते आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
इसका सबसे ज्यादा असर यूपी के विंध्य क्षेत्र और पूर्वी तराई के जिलों में देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में अगले चार दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। कहीं हल्की से मध्यम तो कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकती है। मध्य यूपी के कुछ जिलों में भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने एक सितंबर तक पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी है।