मसूड़ों की पुरानी बीमारी सिर्फ दांत और मुंह की समस्या नहीं है। इसका असर फेफड़ों पर भी पड़ सकता है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन में मसूड़ों की बीमारी पायरिया और फेफड़ों की गंभीर बीमारी इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (आईएलडी) के बीच संबंध के संकेत मिले हैं। 

अध्ययन के मुताविक, जिन लोगों को लंबे समय से पायरिया है, उनमें फेफड़ों में सूजन और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारी का खतरा हो सकता है। अध्ययन में पायरिया और आईएलडी दोनों से जूझ रहे मरीजों की जांच की गई। इनमें शरीर में सूजन बढ़ाने वाले इंफ्लेमेटरी बायोमार्कर का स्तर अधिक पाया गया।

इससे संकेत मिलता है कि मसूड़ों में लंबे समय से बनी सूजन का असर शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ सकता है। यह अध्ययन वर्ष 2026 में मोनाल्डी आर्काइव्स फॉर चेस्ट डिजीज में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है। टीम में डॉ. प्रेरणा एस हिरकाने, डॉ.उमेश प्रताप वर्मा, डॉ. अजय कुमार वर्मा, वे डॉ. पवित्र रस्तोगी, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव 5 और डॉ. अंजनी कुमार पाठक शामिल रहे। 

 



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