बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में डाटा सेंटर क्लस्टर प्रस्तावित है। इसकी स्थापना के लिए उपयुक्त स्थान और सुविधाओं का जायजा लेने के लिए सितंबर में टीम आ सकती है। फिलहाल 30 अगस्त को होने वाली बैठक टल गई है।

प्रदेश में बड़े डाटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने के लिए बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) को कंसल्टेंट बनाया गया है। बीसीजी प्रदेश में चार से पांच डाटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन और अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगा। रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह की ओर से बीसीजी, एसटीसी टीम के साथ झांसी और ललितपुर में निरीक्षण किया जाना था। साथ ही आयुक्त सभागार में बैठक प्रस्तावित थी, जो कि अब स्थगित हो गई है।

बैठक से पहले सीईओ की ओर से जारी पत्र में बताया गया था उत्पादन के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के लिए डाटा सेंटर अहम ढांचा बन चुके हैं। भारत में वर्तमान में करीब 1.7 गीगावाट डाटा सेंटर क्षमता उपलब्ध है, जिसके वर्ष 2030 तक बढ़कर करीब 13 गीगावाट होने की संभावना है। दुनिया भर में डाटा सेंटर की क्षमता करीब 124 गीगावाट है, जो 2030 तक 170 से 300 गीगावाट तक पहुंच सकती है। आयुक्त बिमल कुमार दुबे ने बताया कि बैठक की नई तिथि अभी तय नहीं हुई है। जल्द ही बैठक होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बीडा में डाटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना के लिए जमीन की पर्याप्त उपलब्धता है।

डिजिटल, आईटी आधारित उद्योगों के लिए तैयार होगा नया आधार

डाटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना के लिए बिजली की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था, जलापूर्ति, दूरसंचार और इंटरनेट कनेक्टिविटी समेत अन्य जरूरी सुविधाओं का टीम जायजा लेगी। बीडा क्षेत्र में डाटा सेंटर क्लस्टर की संभावना तलाशे जाने से झांसी के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यदि क्षेत्र का चयन होता है तो बड़े पैमाने पर निवेश के साथ डिजिटल और आईटी आधारित उद्योगों के लिए भी नया आधार तैयार हो सकता है।



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