पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार ने भाजपा छोड़कर अपने बेटे के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। साथ में जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि भी सपा में शामिल हुए हैं। शनिवार को लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की उपस्थिति में सभी ने सपा जॉइन की।
बबीना सीट से 1989 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर रतन लाल अहिरवार पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद बीजेपी से ही वह 1991 में दूसरी और 1993 में तीसरी बार विधायक बने। हालांकि, वर्ष 1996 में वह चुनाव हार गए। 2002 का विधानसभा चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ा और चौथी बार विधायक बने। फिर वह बसपा में शामिल हुए और 2007 में पांचवीं बार विधायक बने और उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया। 2023 में हुए निकाय चुनाव से ठीक पहले रतनलाल की फिर से भाजपा में वापसी हो गई। हालांकि, करीब साढ़े तीन साल बाद उनका भाजपा से फिर मोहभंग हो गया और शनिवार को उन्होंने अपने बेटे रोहित रतन, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि जितेंद्र पटेल के साथ सपा की सदस्यता ले ली। इस दौरान लखनऊ में सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिषेक यादव प्रज्वल भी मौजूद रहे।
2022 में मऊरानीपुर से चुनाव लड़ चुके रोहित
रोहित रतन 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर मऊरानीपुर से चुनाव लड़ चुके हैं। वह तीसरे स्थान पर रहे थे। इससे पहले वह 2010 में जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। रोहित के मुताबिक उन्होंने 2023 में ही बसपा से इस्तीफा दे दिया था।
