बबीना। सुकुवां-ढुकुवां मार्ग पर अधूरा सड़क निर्माण लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। जनवरी में ठेका होने के बावजूद अगस्त तक काम पूरा नहीं हुआ है। ठेकेदार की अनदेखी से सुरक्षा इंतजामों का अभाव है।
सड़क को जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है। कई हिस्सों में केवल गिट्टी डालकर काम अधूरा पड़ा है। इसी मार्ग पर हादसों में दो लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। खतरनाक हिस्सों पर सुरक्षा पट्टी और बैरिकेड नहीं लगाए गए हैं। रात के समय यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। वाहन चालकों को आगे खुदी सड़क का पता नहीं चलता। गड्ढों और बिखरी गिट्टी से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। यह मार्ग कई गांवों और दो प्रदेशों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस पर भारी संख्या में विभिन्न वाहनों का आवागमन होता है।
स्कूली बच्चों पर खतरा
जेवीएम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद यादव ने चिंता जताई कि ठेकेदार ने सड़क पर सुरक्षा के लिए कुछ नहीं लगाया है। बच्चों के आने-जाने वाली सड़क की स्थिति बेहद चिंताजनक रहती है। उन्होंने सुरक्षा पट्टी, बैरिकेड, चेतावनी बोर्ड और परावर्तक लगाने की मांग की। इससे बच्चों और वाहन चालकों को खतरे का पहले से पता चल सकेगा।
बच्चे हो रहे चोटिल
सेंट जेवियर्स हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य सुधीर कुमार ने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बच्चे चोटिल हो चुके हैं। हाल ही में स्कूल की एक शिक्षिका भी सड़क पर गिरकर घायल हुई थीं। स्थानीय लोगों ने अधूरे निर्माण को तत्काल पूरा करने की मांग की है। उन्होंने काम पूरा होने तक सभी खतरनाक हिस्सों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा पट्टी, चेतावनी बोर्ड और परावर्तक लगाने को कहा।
