ललितपुर। जनपद की बाल वाटिकाओं में अब बच्चे स्वच्छता और रचनात्मकता सीखेंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य, भाषा, गणित और सृजनात्मक विकास को लेकर विशेष चर्चा की जाएगी। इसके लिए बाल वाटिकाओं में नियमित रूप से माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शासन के निर्देश पर जनपद में इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
जिले में 1,124 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के करीब 50 से 55 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 200 से अधिक बालवाटिकाएं भी शामिल हैं। बालवाटिकाओं में पंजीकृत बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाता है, जहां खेल-खेल में पढ़ाई कराई जाती है। बच्चों को अक्षर ज्ञान, गिनती, रंगों और आकारों की पहचान के साथ भाषा और गणित की शुरुआती शिक्षा दी जाती है।
अब तीन से छह वर्ष के बच्चों के नामांकन, सुविधाओं के विस्तार और बहुमुखी विकास के लिए प्रतिमाह माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम होगा। इसमें स्वास्थ्य, सुरक्षित आदतें, घर पर कला व रचनात्मक गतिविधियों से विकास, त्योहारों से सीखने और मौसम के अनुसार दिनचर्या की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, दैनिक जीवन में गणित की समझ, भावनात्मक जुड़ाव, भाषा विकास, कहानी-गीत, ज्ञानेंद्रियों से सीखने और कक्षा एक की औपचारिक तैयारी जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
इस कार्यक्रम का संचालन प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक, ईसीसीई एजुकेटर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिलकर करेंगे। यह आयोजन प्रतिमाह एक निर्धारित दिन पर होगा। बीएसए रत्नेश कुमार ने बताया कि शासन के आदेशानुसार बालवाटिकाओं में माता उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।।
