प्रदेश में स्वाइन फ्लू के उपचार की पुख्ता व्यवस्था बनाई गई है। अस्पतालों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। प्रदेश मुख्यालय की टीम जिलों में जाकर व्यवस्थाएं देखेगी और अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। अस्पताल में दवा, आक्सीजन का पर्याप्त स्टाक रखने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य महानिदेशक डा. पवन कुमार अरुण ने बताया कि सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों एवं अधीक्षकों को गाइडलाइन भेज दी गई है। निर्देश दिया गया कि जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी के वक्त डॉक्टर अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। जब तक फ्लू के मरीजों के मिलने का सिलसिला चल रहा है तब तक बेहद जरूरी हो तभी अवकाश लें।
अवकाश लेने पर उसकी जानकारी अपर निदेशक से लेकर महानिदेशालय तक भेजा जाए। सभी अपर निदेशकों को लगातार भ्रमण करने और अस्पतालों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय की टीम भी जिलों में भेजी जा रही है। इन्फ्लुएंजा-लाइक इलनेस और सांस संबंधी संक्रमण वाले मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों में लक्षण पाए जाने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय से एंटीवायरल दवाएं शुरू कर दिया जा रहा है।
सोमवार से शुरू होगा अलग काउंटर
बुखार और फ्लू से संबंधित मरीजों के लिए सोमवार से सभी अस्पतालों में अलग से पंजीयन काउंटर शुरू कर दिया जाएगा। इसी तरह जांच के लिए भी अलग से व्यवस्था बनाई गई है। ताकि मरीजों को किसी तरह की समस्या न हो।
