उरई। जिला अस्पताल में सोमवार सुबह केबल बॉक्स में फाल्ट होने से करीब 45 मिनट तक बिजली गुल रही। इससे ए ब्लॉक की आधे से अधिक ओपीडी, पर्चा काउंटर समेत कई महत्वपूर्ण कक्षों में काम प्रभावित हुआ। मरीज और तीमारदार परेशान रहे।
सुबह करीब 11 बजे ए ब्लॉक ओपीडी की हेल्प डेस्क के पास लगे बिजली के केबल बॉक्स में अचानक फाल्ट हो गया। इसके बाद सर्जन कक्ष, चेस्ट फिजीशियन कक्ष, बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष, आयुष्मान कक्ष, तंबाकू नियंत्रण केंद्र समेत कई कक्षों की बिजली गुल हो गई। कमरों में अंधेरा होने के कारण चिकित्सक भी बाहर निकल आए और मरीज इधर-उधर भटकते रहे। गर्मी और उमस के कारण मरीजों की परेशानी और बढ़ गई।
वहीं, पर्चा काउंटर की बिजली भी गुल होने से ऑनलाइन व्यवस्था ठप हो गई। काउंटर पर महिला और पुरुष मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। आनन-फानन में कर्मचारियों ने मैनुअल पर्चे बनाने शुरू किए, जिसके बाद किसी तरह मरीजों को राहत दी गई। बिजली का फाल्ट ठीक कराने के लिए अस्पताल प्रशासन ने बिजली ठेकेदार को बुलाया। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। तब तक अस्पताल में अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।
सीएमएस डॉ. जेजे राम ने बताया कि केबल बॉक्स में फाल्ट के कारण कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी। फाल्ट ठीक कराने के बाद आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
महिला अस्पताल में सीएमओ ने व्यवस्थाएं परखीं
एसएनसीयू का शत-प्रतिशत उपयोग करने के निर्देश
उरई। सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद ने सोमवार को जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने टीकाकरण कक्ष का निरीक्षण करते हुए वहां आवश्यक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों को इंट्री समेत अन्य अभिलेखीय कार्य व्यवस्थित तरीके से करने के लिए कहा।
सीएमओ ने दस बेड के एसएनसीयू का भी निरीक्षण किया। यहां बच्चों की संख्या कम मिलने पर उन्होंने उपलब्ध बेड का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। सीएमओ ने सीएमएस को निर्देशित किया कि यदि कोई महिला बुखार से पीड़ित मिलती है तो उसे अन्य मरीजों से अलग वार्ड में रखा जाए, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और तीमारदारों से भी संवाद कर इलाज और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों के आभा आईडी बनाए जाने पर भी जोर दिया और संबंधित कर्मचारियों को अधिक से अधिक मरीजों की आभा आईडी तैयार कराने के निर्देश दिए।

फोटो-21-अंधेरे में बैठे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.संजीव अग्रवाल। संवाद

फोटो-21-अंधेरे में बैठे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.संजीव अग्रवाल। संवाद

फोटो-21-अंधेरे में बैठे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.संजीव अग्रवाल। संवाद
