झांसी। शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों के निस्तारण में कथित लापरवाही के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित के नेतृत्व में सोमवार को कार्यालय परिसर में क्रमिक अनशन शुरू किया गया। शिक्षकों ने अवशेष देयक, चयन वेतनमान समेत अन्य समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
शिक्षक नेताओं का आरोप है कि शिक्षकों के न्यायसंगत देयकों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। भुगतान और अन्य मामलों के लिए शिक्षकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पूर्व में ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन संगठन के अनुसार स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उनमें आक्रोश बढ़ रहा था। इसी के चलते क्रमिक अनशन शुरू करने का निर्णय लिया गया। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
अनशन के दौरान शिक्षक नेताओं ने कहा कि समस्याओं का निस्तारण करना संबंधित अधिकारी का दायित्व है। उनका आरोप है कि अधिकारी के कार्यालय में मौजूद न रहने से शिक्षकों की समस्याओं के समाधान में और देरी हो रही है। उन्होंने मांगों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की।
इस दौरान जिला मंत्री मृत्युंजय सिंह, भारत भूषण राय, शिवकुमार पाराशर, उमाशंकर शर्मा, अब्दुल नोमान, अनिरुद्ध रावत, पुष्पेंद्र कुशवाहा, चरण सिंह पटेल, अविनाश गोस्वामी, रवि पटेल, जितेंद्र त्रिपाठी, उमेश पाराशर, अरुण निरंजन, छाया निरंजन, अकील अहमद खान, मुकेश वर्मा, राजेश त्रिपाठी, मोहित मिश्रा, प्रवीण रावत, डॉ. प्रियंवदा मिश्रा, आनंद मोहन मिश्रा, रामराजा शिवहरे, जितेंद्र सिंह, अर्चना सोनी, धर्मेंद्र सोलंकी, बादाम सिंह यादव, कैलाश सोनी, संजीव अरजरिया, रीता आहूजा, इंद्रपाल सिंह, शिवम रिछारिया, डॉ. बृजेश दीक्षित, आरिफ सलीम, हुकुम सिंह, नरेंद्र शर्मा, अनुज शुक्ला, गोविंद निरंजन, जुहैब बक्स, अमरपाल सिंह, विपिन सिंह, हर्षेंदु गोस्वामी, प्रमेंद्र शर्मा, पंकज अग्रवाल, राजेश लोहिया, सुरेंद्र निरंजन, पुष्पेंद्र सिंह, कुलदीप त्रिपाठी, दीपक यादव, नीतीश पटेल, सतेंद्र पटेल, दीपक सिंह, अनिल सोनी, शशांक अमरया, आशीष कुमार, राधेगोविंद गुप्ता, हिमांशु पाठक, मनोज चौरसिया आदि मौजूद रहे।
