आशियाना सेक्टर-एच निवासी 80 वर्षीय हरिमोहन से साइबर जालसाजों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 97.20 लाख रुपये ठग लिए। सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त जेई हरिमोहन ने सोमवार को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
हरिमोहन ने बताया कि 26 अप्रैल को फेसबुक पर उनका संपर्क गणेश अग्रवाल से हुआ था। आरोपी ने उन्हें शेयर ट्रेडिंग करके डॉलर में मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक एप डाउनलोड करवाया। उन्होंने 12 मई को गणेश को दो बार में 26 लाख रुपये निवेश के लिए दिए। कुछ देर बाद एप में उन्हें 2.40 लाख डॉलर का मुनाफा लंदन की वर्कले बैंक में जमा दिखा। उन्होंने मुनाफे की रकम निकालनी चाही तो उनके पर एक कॉल आई।
फोनकर्ता ने खुद को कस्टम विभाग का राजस्व अधिकारी हार्दिक पटेल बताया। उसने पूंजी कर, कन्वर्जन चार्ज और इंश्योरेंस के नाम पर 71.20 लाख रुपये मांगे। उन्होंने यह रकम भी जमा कर दी लेकिन उन्हें मूल और मुनाफे की रकम नहीं मिली।
ठग ने दी धमकी: हरिमोहन के मुताबिक रकम लौटाने की बात कहने पर हार्दिक भड़क गया और उसने कहा कि निवेश में नौ लाख रुपये ठगी के थे। उसने बताया कि पूरी रकम अब आरबीआई दिल्ली के पास है। वह इसकी तफ्तीश करेगी और क्राइम ब्रांच तमिलनाडु एफआईआर दर्ज करेगी। डरकर उन्होंने परिवार को कुछ नहीं बताया। उन्हें परेशान देखकर घरवालों ने पूछताछ की तब उन्होंने सोमवार को पूरी बात बताई और साइबर क्राइम थाने में शिकायत की। इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि इंस्पेक्टर शमीम अली सिद्दीकी मामले की विवेचना कर रहे हैं। घटना पुरानी है इसलिए रकम फ्रीज कराने में समस्या आ रही है।
