झांसी। जनपद में इनफ्लूएंजा-ए के रोजाना नए मरीज मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। ऐसे में बुधवार को दोनों जगह ओपीडी में करीब 100 रोगी उपचार कराने पहुंचे। वहीं, मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन बेड पर भर्ती दो युवाओं समेत चार लोगों का सैंपल स्वाइन फ्लू जांच के लिए भेजा गया।
बुखार के गंभीर रोगियों की संख्या बढ़ने से मेडिकल कॉलेज के तीनों वार्ड फुल हो गए हैं। अब मेडिकल प्रशासन ने वार्ड नंबर तीन और चार में रोगियों को भर्ती किया गया। बाल रोग विभाग की इमरजेंसी के बेड फुल होने पर एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती किया गया। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एनआईसी और 500 बेड के अस्पताल में बेड बढ़ाने का फैसला लिया है।
शासन ने स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने तक आईएलआई (इनफ्लूएंजा लाइक इलनेस) को तीन श्रेणी में बांटकर गाइडलाइन जारी की है। तय किया है कि इनफ्लूएंजा-सी श्रेणी में ही रोगी को भर्ती किया जाएगा और जांच के लिए सैंपल भेजा जाएगा। जिसके तहत मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में रोगियों का उपचार किया जा रहा है।
बुधवार को जिला अस्पताल में 223 से ज्यादा बुखार के रोगी आए। दावा है कि 60 से ज्यादा रोगियों ने इनफ्लूएंजा-ए (जुकाम, खांसी व बुखार, गले, सिर व शरीर में दर्द, आंख में लालिमा) की समस्या बताई। डॉक्टरों ने दवा देने के साथ एकांतवास में रहने की सलाह दी है। वहीं, मेडिकल कॉलेज की फ्लू ओपीडी में 45 से ज्यादा इनफ्लूएंजा-ए के मरीज आए। इनको डॉक्टरों ने दवा देने के साथ मास्क लगाने व घर में एकांतवास में रहने की सलाह दी।
एक बेड पर दो-दो बच्चे
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू ने बताया वार्ड के ऑक्सीजन बेडों पर भर्ती करगुवांजी के 22 वर्षीय, शिवाजी नगर के 17 वर्षीय, खुशीपुरा के 48 वर्षीय और एक अन्य रोगी का सैंपल स्वाइन फ्लू की जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही मेडिकल कॉलेज के बाल रोग व मेडिसिन विभाग में तेज बुखार के रोगियों की संख्या काफी बढ़ गई है। इससे मेडिसिन के वार्ड संख्या छह, सात व आठ के 170 बेड फुल हो गए हैं। इमरजेंसी के बेड फुल होने की वजह से बुधवार को विकट स्थिति खड़ी हो गई। इस पर मेडिसिन के रोगियों के लिए वार्ड नं. तीन व चार को खोल दिया गया। वहीं, बाल रोग विभाग की इमरजेंसी के बेड फुल होने की वजह से एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती करके उपचार दिया गया। वार्ड के बेड फुल होने पर एनआईसी में बेड की संख्या बढ़ाने के साथ बच्चों के लिए 500 बेड के अस्पताल में 20 अतिरिक्त बेड बढ़ाए गए हैं।
आज होगी बच्चों की जांच
बाल रोग विभाग की इमरजेंसी में चिंताजनक हालात में भर्ती बच्चों के परिजनों ने बताया कि तेज बुखार से हालत बिगड़ी है। किसी ने निमोनिया की शिकायत की तो किसी ने सांस लेने में दिक्कत की। इस पर विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी ने कहा इन बच्चों की बृहस्पतिवार को जांच कराई जाएगी।
मेडिसिन व बाल रोग विभाग में बुधवार को बेड कम पड़ने पर अन्य वार्डों में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की है। कॉलेज में समुचित दवाएं और व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। भर्ती रोगियों पर डॉक्टर की टीमें सतत नजर रखे हैं।
-डॉ. सुधीर कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
मांगे वीटीएम के 48 बंडल, आया सिर्फ एक
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 48 वीटीएम (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम) बंडल मांगे, जिसके एवज में सिर्फ एक ही आया है। बताते हैं कि एक वीटीएम बंडल में 96 ही वाइल होती हैं। इसके माध्यम से आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पॉलिमरेज चेन रिएक्शन) जांच होती है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आपूर्ति करने वाली एजेंसी ने तीन-चार दिन में मांग के अनुसार आपूर्ति का दावा किया है।
मेडिकल कॉलेज आज से करेगा जांच
प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार से स्वाइन फ्लू की आरटी-पीसीआर से जांच शुरू होगी। इसके तहत भर्ती रोगी की बेड पर ही जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा।
